Saturday, April 30, 2016

मित्रो,
       जैसा की मैंने अपने पिछले पोस्ट में आपलोगों को बताया था की अब "वसुधा केंद्र" के माध्यम से बेरोजगार युवक/युवतिया आसानी से कम से कम पंद्रह-बीस हजार महीने में कमा सकते है जबकि इतने पैसे के लिए ही हमारे बिहार से लोग बाहर जा कर करी मेहनत करने को मजबूर है, इसके बाबजूद कई तरह के घटनाओ के सिकार हो भी हो रहे है. पिछले पोस्ट के बाद मुझे बहुत सारा कॉल आया जिसमे बहुत कई सारे सवाल होते थे. जैसे किस वेबसाइट पे जा कर रजिस्ट्रेशन करना है?, आगे काम कैसे होगा इत्यादि।

एक सितम्बर से पहले csc.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन हो रहा था। पर 1 सितम्बर से ये बंद हो गया है। हमारे कुछ लोगो के प्रयास के बाद बिहार से गूगल फॉर्म के द्वारा वैसे लोग जो CSC खोलने के इकक्षुक है उनका आवेदन लिया जा रहा है। जिसका लास्ट डेट 30 सितम्बर रखा गया है। यह लिंक भी बिलकुल निशुल्क है। (Source- https://www.facebook.com/cscjagruktamanch/?hc_ref=PAGES_TIMELINE)

मै कुछ लिन्क पेस्ट कर रहा हूँ जो आपको मदद करेगा. नया सी एस सी के लिए यहाँ क्लिक करे. सी एस सी के बारे में अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करे. आप 180030003468 इस नंबर पर कॉल करके भी जानकारी और मदद ले सकते है.

उपयुक्त दिया गया लिंक और नंबर बिलकुल फ्री है और इसके लिए आपको कोई भी पैसा नहीं चुकाना है. लेकिन आप चाहते है की आप की आमदनी अच्छी - खासी हो तो आपको ऐसे एक्सपर्ट से सहायता की जरुरत परेगी जो फील्ड में सफलता पूर्वक काम कर रहे है. और आज उनकी आमदनी लाखो में है क्योंकि उन्हें अपने काम के बारे में अच्छी तरह पता है.

हम आपको जोरेंगे वेसे लोगो से जो आपको आपकी आमदनी बढाने में आपकी मदद करेंगे. हम आपको बताएँगे लेटेस्ट स्कीम के बारे जिसके आप सही समय पर उसका इमप्लिमेंसन कर आमदनी कर सकते है. इसके लिए आपको हमें एक बहुत ही छोटा रकम (Rs.1500) Consultancy Fees के तौर पर देना होगा जिसमे हम आपको रजिस्ट्रेशन से ले कर वसुधा केंद्र सेटअप तक (One Month) में हमारी टीम आपको मदद करेगी.

आप हमें  Debit Card/Credit Card/Net Banking जैसे माध्यम से ऑनलाइन पेमेंट कर सकते है. पेमेंट करने के लिए ऊपर दाई और Pay Now With PayUmoney या (आप यहा क्लिक करे ) क्लिक करे.  

Monday, April 11, 2016

वसुधा केंद्र के माध्यम से 20 से 50 हजार तक महीने में कमायें.

दोस्तों, जैसा की आप सभी जानते है की हम लोगो ने काम के अभाव में बहुत से बुरे दिन भी देखे है. पर जब से हमारा SCA बदला है तब से कामो की भरमार हो गई है. अगर सच बताऊँ तो मुझे इस क्षेत्र का अच्छा - खासा अनुभव होने के बाद भी सब कुछ सँभालने में परेशानी होती है. मै आज अपने कुछ मित्रो को ये बताने जा रहा हूँ की अभी कौन - कौन सा येसा काम उपलब्ध है जिसे हम करके महीने में कम से कम 20 हजार जरुर कमा सकते है.
1. तो सबसे पहले मै आपको NDLM (National Digital Literacy Mission) के बारे में बताना चाहूँगा. 
देश के हर परिवार से कम से कम एक व्यक्ति को डिजिटल साक्षर बनाना माननीय प्रधान मंत्री जी के "डिजिटल भारत " अभियान का एक अभिन्य अंग है. अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करे,

2. AIP Portal या Investor Awareness Program एक येसा प्लेटफार्म है जहा आप आम जनता को सरकार की बिभिन्य प्रकार के इन्वेस्टमेंट की जानकारी दे कर अच्छा खासा इनकम कर सकते है. अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करे   

3. आप आधार कार्ड का काम भी कर सकते है. और सब से खास बात ये की सिर्फ 9000 का इन्वेस्टमेंट करके आप एक टेबलेट ले सकते है और 0-5 साल के बच्चे का आधार कार्ड बना सकते है.

4. "अपना धन " इसके माध्यम से आप आंगंवारी सेविका, स्कूल टीचर, जैसे सरकारी कर्मचारियों का बेतन भुगतान कर सकते है. साथ साथ किसी भी बैंक के ग्राहक को अपने यहाँ से 100 रूपये से ले कर 10000 तक का भुगतान कर सकते है.

इस प्रकार के और भी कई सारे काम उपलब्ध है. बस जरुरत है उनको करने की. अपने नाम के अनुसार एक उधमी की तरह सोचने की सुरुआत अभी से करे.  
अगर समस्या हो तो मुझे ईमेल करे. 
csc.nagwan@gmail.com

Friday, August 1, 2014

Govt. aims skill development of 50 cr people.

Government has set a target to develop skills of 50 crore people by 2022 under the National Policy on Skill Development (NPSD), Lok Sabha was informed. Minister of State for Labour and Employment Vishnu Deo Sai in a written reply said the government has distributed the above target among 20 ministries and National Skill Development Corporation (NSDC)."National Policy on Skill Development (NPSD), February 2009 has set a target for skilling 500 million persons by the year 2022," Sai said. He said the government has set up a National Skill Development Agency (NSDA) to coordinate...

Source:- CSC Newsletter. 


Recruitment for posts in Indian Navy - now through CSC

Recruitment for post of officer/ sailor of Indian Navy is now available through CSC’s.Aspirants from now on can visit the nearby Common Service Center and fill the online application forms available on Indian Navy website.

Source:
CSC Newsletter 

Finance Ministry asks banks to engage CSCs as BCs

Meeting held between CSC e-Governance Services India Limited and Ministry of Finance regarding engagement of CSCs as BCs. The Finance Ministry has approved and asked all the Banks to expedite the engagement of CSCs as BCs across the Country.VLE shall not pay any amount to any person for engagement as a BC except the cost of biometric device. VLEs to contact the Local Branch Manager so that he can be engaged as BC for Financial Inclusion.

Source:
CSC Newsletter

Thursday, November 1, 2012

नितीश कुमार जी के नाम वसुधा केंद्र का एक खुला पत्र.


आदरणीय मुख्य मंत्री जी, (बिहार सरकार )

मै उम्मीद करता हूँ की आप सही सलामत से होंगें! आपके बारे में अक्सर मीडिया में पढने सुनने को मिलते रहता है, जिससे मुझे फक्र के साथ गुमान होता है की मैं कितना लकी निकला की आपके सुशासन के राज में मैं वसुधा केंद्र के रूप में बिहार में आपके द्वारा अवतरित हुआ ! हमे फक्र हो भी क्यूँ नहीं? आप ही तो हैं की दलित समाज को महादलित के रूप में अवतरित कर उनका कष्ट हरने का एक सराहनीये काम किया ! आप ही तो हैं की बिहार की बच्चियां जहाज के बदले सायकिल से आसमान को छू रहीं हैं ! ये आप ही की तो जलवा है की पूरा विश्व समुदाय आपकी बातों से प्रेरित हो नालंदा उनिवर्सिटी का वैभव लौटाने के लिए हर तरह से लालायित एवं प्रयासरत हैं ! बिहारियों की सपने को भी आपने बखूबी पूरा किया, किसी फ़िल्मी नेत्री के गाल जैसा बिहार में सड़क निर्माण कर के ! पूरा भारत आपको दुसरे हरित क्रांति का सूत्रधार मानने को विवश हो चला है ! आपके कृषि रोड मैप की चहु ओर प्रसंशा हो रही है ! और आपके धुन से लगता भी है की, बहुत शीघ्र हरेक भारत वासियों के थाली में एक बिहारी व्यंजन आवश्य होगा ! कैसे कोई नहीं मानेगा की आपने बिहार के स्वास्थ्य सेवाओं में आश्चर्य जनक सुधार किया है ! बिहार वासियों को वो काले दिन याद है- जब घर से जाते थे तो उनका लौटना संदिग्ध होता था ! लेकिन आपकी इच्छा शक्ति को दाद देनी पड़ेगी की आपने किस तरह से पुलिस तंत्र को मजबूत कर स्पीडी ट्रायल के सहारे उन अपराधियों को अन्दर करने का एक उन्नत दर्जे का काम किया ! पूरी दुनिया तब आपकी मुरीद हो गयी , जब विश्व के एक संपन्न हस्ती ने आपकी सराहना खुले दिल से एक अंतर्राष्ट्रीय मंच पर की ! आपको एक बेहतरीन अवार्ड के लिए भी नामित किया गया ! जो पोलिओ के विनाश के लिए था ! कोई कहता था की भ्रष्ट्राचार को किसी से डर नहीं लगता ! लेकिन हाल के दिनों में अब पुरे भारत को लग रहा है की, भ्रष्ट्राचार इस देश में पहली बार -नितीश नामक CM से डर रहा है ! तभी तो भ्रष्ट्राचार के आलिशान बिल्डिंगों में सरकारी विद्यालय खुल रहे हैं ! आप की विवेक की तारीफ तो उस बखत सबको करनी पड़ी जब- एक उत्तर भारतीय विरोधी , वयोवृद्ध हिन्दू वादी नेता -बाल ठाकरे ने मुंबई में होने वाले बिहार दिवस पर आपकी खुल कर तारीफ की ! आपके बारे में अक्सर सुना जाता है की आप “चुनौतियों को अवसर में बदल लेते हैं” ! और बिहार इसका जीता जागता उदाहरण है ! दिल गार्डेन- गार्डेन तब होता है जब आपके द्वारा सृजित योजनाओं को केंद्र सरकार पुरे देश में दुसरे नामों से लागु करती है ! आप न्याय के साथ विकास कर के नक्सली भाइयों को समाज के मुख्य धारा में लौटने के लिए प्रेरित किया !जिसके कुछ अच्छे परिणाम भी देखने को मिले ! प्रकृति के संसाधनों के आप एक सजग प्रहरी हैं! तभी तो आपने धरहरा गाँव को ढूढ़ निकाला ! दिल पुलकित हो उठा जब आपने कहा की “भगवान के पास जाऊंगा और वो पूछेंगे की- मेरा दिया हुआ पहाड़ को क्या किया , तब हम क्या जवाब देंगें “? और आपने अवैध खनन को हमेशा के लिए बंद कर दिया !

हे कृपानाथ, हे नीतियों के इश्वर -नितीश, हे विकास पुरुष, हे बिहार के सदर अब हमारी सुध कब लोगे ? मेरी (वसुधा केंद्र ) दशा और दिशा ठीक उसी प्रकार की हो गयी है जैसी कभी विप्र सुदामा की हुआ करती थी! मुझे खुले करीब पांच साल हो गए, मेरी संख्या भी राज्य में करीब ६५०० हो गयी है , लेकिन आमदनी के बदले सिर्फ और सिर्फ कम्पनी द्वारा शोषण किया जा रहा है ! अब लोग मुझ पर ताना और व्यंग कसते हैं, लोग मेरे v-set के छतरी को देख मुस्काते हैं! जो कम्पुटर मिला था G2C के लिए वो अब हन- हना कर बंद होने लगा है, बट्री भी बिलकुल बैठ चूका है! यानि यूँ समझिये की मैं बिलकुल अस्वस्थ व् दैनिये स्थिति में जा पहुंचा हूँ !मै संकट में हूँ! हे दुःखहरण देव -आपने जो हमारे लिए वादा किया था , वो शायद ऊपर के आपके द्वारा अर्जित उपलब्धियों ने विस्मृत कर दिया ! अब लगता है की आपको मेरी सुध नहीं रही ! मैं कैसे और कितनी बार कंहू की, मै किसी और का नहीं बल्कि आपकी उपज हूँ! मै फटेहाल में अपनी वेदना और प्रार्थना लेकर आपके पास आया हूँ ! चुकी मेरा देख रेख करने वाला नौकर (VLe ) फटेहाल में जी रहा है ! सुना भी है की आपके दर कोई खाली नहीं जाता ! इसका सीधा और सरल प्रमाण है रोहतास गढ़ किले की विकास के द्वारा पुनः वैभव की ओर वापसी करना! हे कृपा नंदन मेरी दशा की ओर ध्यान दें और मेरी दुखों का -मृत होने से पहले शीघ्रातिशीघ्र निवारण करें !

आपका कृपाकांक्षी

वसुधा केंद्र, (CSC )
राज्य- बिहार,

Sunday, September 16, 2012

(रमण सिंह कौन जो VLe से पैसा मांगे ?)स्रेई सहज का ” नोटिस भेजो – नोटिस भेजो” का खेल

बिहार राज्य में स्रेई सहज कंपनी द्वारा सरकारी निर्देशों के पश्चात् हवाई सपने दिखा कर बिहार के भोले -भाले 6000 कंप्यूटर शिक्षित और प्रशिक्षित नौजवानों को धोखेबाजी से वसुधा केंद्र खोलवाने का काम किया  ! सहज कंपनी ने चाइना मंडी जैसी -यूज एंड थ्रो कंप्यूटर एवं अन्य उपकरणों को सरकारी तंत्र के लापरवाही के कारण VLe को ऋण के रूप में मार्जिन मनी लेकर कर काफी उच्च दामों पे उपलब्ध कराने का काम किया ! सरकार सोती रही और “सहज” कम्पनी बिहार के वसुधा केंद्र के मासूम संचालकों को लुटती रही ! वर्तमान में 6000 हजार से ज्यादा केंद्र बिहार में खुल चुके हैं ! समय भी सात बरस से ज्यादा बीत चूका है! बिहार ने काफी लम्बे विकास के रास्ते को पार भी किया है! लेकिन वसुधा केंद्र -सहज कम्पनी तो कभी सरकार की ओर टक टकी  लगाये रहा , इस आस में की शायद सरकार और कम्पनी अपने किये वादों को पूरा कर वसुधा केन्द्रों को काम देने का सफल प्रयास करेगी,  साबुत के तौर पे वो कागज उपलब्ध है जिसमे सहज कम्पनी ने पुरे विस्तार में समझाया है  की, किस प्रकार वसुधा संचालक  – केंद्र खुलने के 6 महीने पश्चात् रुपया 20000 का
मासिक लाभ कमाएंगे! संचालकों को विश्वास करना भी लाजमी था की मुख्य मंत्री श्री नितीश कुमार ने खुद के अनगिनत भाषणों में वसुधा केंद्र से मिलने वाले सरकारी सेवाओं का जिक्र किया था ! केंद्र खुलने का शिलशिला जारी रहा एवं समय बीतता रहा !  सात साल गुजर गए , लेकिन संचालकों को 20 रुपया कमाना भी मुहाल की बात रही, घर की पूंजी लगानी पड़ी केन्द्रों को जीवित रखने के लिए ! क्या सरकार और सहज को नहीं पता की केंद्र को जीवित रखने के लिए चालक, कट्रिज, पेपर, उर्जा , नेट चार्ज एवं अन्य संसाधनों पे होने वाले खर्च को VLe द्वारा व्यक्तिगत रूप से  वहन किया जाता है ? किसको पता नहीं की एक अडाप्टर भी जलता है तो VLe  को उसके लिए 1200 रुपया खर्च करना पड़ता है ! कैमरा बिगड़ा तो हज़ार के निचे सोचना भी मुर्खता होगा की बनेगा! आज साधारण मजदुर की बेगारी भी 150 रुपया से निचे नहीं मिलती आठ घंटे के लिए ! अगर सरकार तथा सहज कम्पनी को इन सब बातों पे यकीन नहीं आता तो अपने CAG या किसी गुप्तचर संस्था से जाँच करा ले की अब तक वसुधा केंद्र संचालकों को इस केंद्र से कितना आमदनी प्राप्त हुआ है ! क्या सरकार को पता नहीं है की प्रखंड स्तर पे जन वितरण के कूपन स्कैनिंग के भुगतान सरकार के पास लंबित है, जो संचालकों को 04 पैसा प्रति कूपन के कम दर पे मिलना तय है ? क्या ” स्रेई सहज ” कम्पनी को इतला नहीं है की उसने बिना पूछे संचालकों का पैसा पोर्टल से अवैध रूप से हड़प लिया ? सहज ने फाल्स ई – लर्निंग का बिल बना कई संचालकों का पैसा पोर्टल से गायब किया ! जिस सम्बन्ध में देश स्तर पे सहज को बदनामी झेलनी पड़ी ! क्या सहज को मालूम नहीं की BELTRON  के निदेशक श्री के के पाठक (IAS ) ने किस प्रकार की उच्च स्तरीय जाँच बिठाया था ? अगर के० के० पाठक निदेशक के पद पे और चंद महीने रह गए होते तो शायद सहज का देशी मुखौटा चेहरे से उतर जाता ? सहज कम्पनी का मालिक देशी ( नालंदा- बिहार निवासी ) है, लेकिन इस कम्पनी की पूंजी विदेशी है ! ज्यादातर इस कम्पनी के निवेशक यूरोप से सम्बन्धित हैं ! और ये कम्पनी बड़ी कम्पनियों में शुमार की जाती है ! सहज ने जो कम्प्यूटर (विप्रो मेड ) उपलब्ध करायी उसकी वो कीमत 22000 रुपया लगाई है ! अब बात उठता है की वो कम्प्यूटर हमने किस लिए लिया था ? सीधी सी बात है की – बिजनेस परपस के लिए सहज ने हमें कम्प्यूटर तथा अन्य उपकरण उपलब्ध कराया था ! ये ग़ालिब की सच्चाई है की VLe का दिल वादों के अनुसार नहीं बहला पाया वादकारों ने !
हाल के दिनों में VLe  भाइयों की मेसेज मिलती है की, स्रेई सहज बिहार के वरीय अधिकारी रमण सिंह अपने वकालत के पढाई और अनुभव को बखूबी सहज के भला के लिए उपयोग कर रहे हैं ,संचालकों  पर नोटिस भेज कर कम्पनी के चहेते बनने की कोशिश कर रहे हैं ! नोटिस में जीकर है की ब्याज सहित दिए गए मूलधन को संचालक शीघ्र लौटाए ! नहीं तो क़ानूनी करवाई सभव हो सकती है !
रमण सिंह जी ” सौ चूहा खा के बिल्ली चली हज को “! किस लिए और किस करार पे आपने नहीं बल्कि कम्पनी ने ये ऋण संचालकों को दिया था? क्या सहज ने ये रकम हमे खेती करने के लिए दिया था ? क्या ये ऋण हमे बच्ची की शादी करने हेतु शुद पे मिला था ? या फिर ये रकम संचालक के बच्चे को आई० आई० टी० कराने हेतु दिया गया था ? अगर हाँ तो वो एकरारनामा की प्रति भी साथ में VLe को भेज देते, जिसमे इन बातों की जिक्र होती ! 
रमण सिंह जी ग़ालिब की उक्ति आप पे सटीक उद्धृत मालूम पड़ती है की ” हमे मालूम है ज़माने की हकीकत लेकिन ग़ालिब, दिल बहलाने का ख्याल अच्छा है “! शायद रमण सिंह जी को कार्यालय में उस दिन काम नहीं रहा होगा सो, टाइम पास या दिल को बहलाने के लिए ” नोटिस भेजो – नोटिस भेजो” का चोर सिपाही जैसा खेल – खेला  होगा मनोरंजन के रूप में ? 
रमण सिंह के बारे में मैं सुन रखा था की बड़े ही तेज तरार किसम के व्यक्ति हैं ! लेकिन ये नोटिस वाली खबर हमें मजबूर करता है इनको शातिर मानने के लिए ! हमें सारा सामान लोन के रूप में पंचायतों में कथित सरकारी सेवाओं को आम जनता तक  कंप्यूटर और इंटरनेट के माध्यम से पहुचाने हेतु दिया गया था ! और उससे प्राप्त आमदनी के हिस्से से ऋण राशी को किश्तानुसार भुगतान करना था ! अब रमण सिंह बताएं की VLe लोगों का पोर्टल बिजनेस के रूप में कितना खर्च और आमदनी बता रहा है ? अगर कमाई हुई है तो बताया जाये, सभी संचालक आपको पैसे वापस करेंगे ! अगर नहीं हुई है तो फिर आप अब इस ऋण राशी के भुगतान की चिंता छोड़ दीजिये तो ही बेहतर होगा ! अब उन संचालकों का क्या होगा जो 6 साल पहले सिस्टम लिया था ? क्या अब वो सिस्टम 6 साल बाद कामयाब है ? कोई सोच सकता है की वो सिस्टम अब ज़माने  के रफ़्तार के साथ दौड़ेगा ? अब जमाना 4G का आ चूका है, और बिना काम हुए सहज 1G का रिकवरी चाहता है ! मेरा सहज कम्पनी  को सुझाव मात्र होगा की अब, सहज सरकार के ऊपर दबाव बनाये ताकि फिर से ज़माने की रफ़्तार के साथ काम करने वाला कम्प्यूटर और साजो समान संचालकों को पुनः ऋण के रूप में उपलब्ध कराया जाये ! जिससे आनेवाले दिनों में आमदनी हो सके और सहज की ऋण की भरपाई संचालकों द्वारा की जा सके ! 
अगर स्रेई सहज ये सोच रहा है की उसकी पूंजी डूब रही है, तो ये कम्पनी की नादानी है! कौन लौटाएगा हमारे मुजफ्फरपुर के संचालक स्व० कृष्ण कुमार के जीवन लीला को ? जो बेरोजगारी की असहनीय दर्द को बर्दाश्त न कर आत्म हत्या कर लिया ! कौन लौटाएगा मेरे स्वर्णिम कैरियर को जो मैंने त्याग कर इस बिजनेस को अपनाया ? ऐसे कई अनुतरित सवालों की जवाब स्रेई सहज कम्पनी तथा बिहार सरकार को आनेवाले दिनों में देना होगा! ये नहीं चलेगा की आपका ही दर्द सिर्फ दर्द होता ! औरों की दर्द………………?
कुमार रवि रंजन
नोडल – VLe
रोहतास, बिहार

आखिर मिडिया क्यूँ कर रहा वसुधा केंद्र को नजरंदाज?


” बिहार में मीडिया स्वतंत्र नहीं है”

श्री मार्कंडेय काटजू,  अध्यक्ष -भारतीय प्रेस परिषद्
बिहार में सुशासन की चकाचौंध मिडिया को अपने चमकते हुए फ्लस से फुर्सत ही नहीं दे रहा की इनकी कैमरा का फ्लस कभी वसुधा केंद्र के समस्याओं पे चमके ! आखिर दिन भर सुशासन की जो इन्हें खबर लिखनी या चलानी पड़ती है !और आज के दुनिया में गरीब एवं लाचार लोगों की मीडिया कैसे संज्ञान ले सकती है, जिससे इनके लाभ पे विपरीत असर पड़ जाये ! ये हकीकत है की अख़बारों की अच्छी खासी आमदनी राज्य सरकार के विज्ञापनों से प्राप्त होती है और, ये भी एक हकीकत का हिस्सा है की, वसुधा केंद्र को मटिया मेट करने में वर्तमान राज्य सरकार ने अपने तरफ से  कोई कोर – कसर बाकि नहीं छोड़ी है ! सरकारी विज्ञापन बेशक मीडिया को -सरकार की चाटुकारिता करने पे विवश करती है ! अगर मीडिया थोड़ी हिम्मत कर के वसुधा केंद्र के समस्यायों को उजागर करती भी है, तो निश्चिततौर पर सरकारी हाथ इनका पीछा करना चालू कर देगा! ये बात खास कर तब जोर से चर्चा में विशेष रूप से आयी जब, प्रेस परिषद् के अध्यक्ष श्री मार्कंडेय काटजू ने तल्ख़ तेवर में सीधे तौर पे बिहार के सुशासन की सरकार पे यह कहते हुए हमला बोला था की ” बिहार में मीडिया स्वतंत्र नहीं है”! इनके इस बात से मानो जैसे सरकार और मिडिया के होश उड़ गए हों ! सरकार ने कहा की श्री काटजू झूठ बोल रहे हैं ! फिर श्री काटजू ने फैक्ट फिन्डिंग कमिटी बना डाला जाँच हेतु ! फिर क्या – देखते ही देखते करीब 200 पत्रकारों ने अपनी लिखित और मौखिक शिकायत से, सरकार और मीडिया दोनों के पसीने छुट गए ! इन पत्रकारों ने अपने ज्यादातर शिकायतों में कहा और लिखा है की “मीडिया द्वारा उन्हें इसलिए कोपभाजन का शिकार बनाया गया – क्यूँ की वो सरकार के कथनी और करनी के फासले को अपनी लेखनी से उजागर कर रहे थे! जो मीडिया को नागवार गुजरा”!
ये बातें हमें पूरी तरह आश्वस्त करती है की सरकारी दबाव ही वो मूल कारन है जो, मीडिया को विवश करता है सरकार के विरुद्ध न जाने के लिए ! और ये बात सबको मालूम है की वर्तमान सरकार द्वारा ही इस योजना को चालू कर बैक -फुट पे रखा गया ! और देखते ही देखते 6000 संचालकों के परिवार की जीविका दैनिये दशा में जा पहुंची ! क्या 6000 परिवारों की आजीविका की समस्या मीडिया के लिए समाचार नहीं है ? क्या वसुधा केंद्र के संचालक सरकारी वादों पे भरोसा कर के धोखा नहीं खाए हैं ? क्या मीडिया नहीं जानता की इसका जिम्मेवार अपने सुशासन बाबु हैं ? क्यूँ की इन्ही के गोल- मटोल वादों पे ऐतबार कर के वसुधा केंद्र संचालकों ने अपना बेसकिमती समय और पूंजी लगाया , जिसका न तो कोई वर्तमान है और ना ही भविष्य ! मीडिया के इस रवैये से हम सब संचालकों को यही लगता है की शायद हम सब किसी और देश या राज्य के शरणार्थी हैं और वसुधा केंद्र ले रखे हैं, जिसे शायद सरकार और मीडिया हजम नहीं कर पा रही !

Kumar Ravi Ranjan,
Rohtas, Bihar

Wednesday, August 1, 2012

One lakh Common Service Centres coming soon: Pilot


The government said that about 98,000 Common Service Centres (CSCs) that provide e-governance services to the public have already been set up in the country and the target of one lakh centres will be met soon.
“We will soon achieve the target of one lakh CSCs. Around 98,000 CSCs have been established as of now,” Minister of State for Communications and IT Sachin Pilot told reporters in New Delhi.
Part of the National e-Governance Plan (NeGP), CSCs aim to provide e-governance services, education and health services on a massive scale.
It will offer web-enabled e-governance services in rural areas, including application forms, certificates, and utility payments such as electricity, telephone and water bills.
As per data available on the Department of IT website, as of 30 April 2012, a total of 88,995 CSCs are operational in 33 states and Union territories.
The target to roll out one lakh CSCs was set for June 2011. However, the target has not been met as many of the CSCs have become non-operational due to termination of contracts, naxal activity and non-availability of connectivity, he said.
Pilot also inaugurated the Centre for e-Governance (CEG) in New Delhi today.
The Centre, which has been inaugurated after renovation, will be a platform for showcasing advancement in ICT domain especially in e-Governance, he said.
In addition, it is meant to be a staging platform for emerging technology areas.
Pilot said the CEG will be an effective platform for cross learning, sharing successes and failures in e-domain.
He urged the Department of Electronics and Information Technology (DeitY) to ensure that e-Governance does not remain a buzz word, but percolates down to the masses.
The CEG will be like a Hall of Fame for various e-projects, Secretary (DeitY), J Satyanarayana said.
The CEG will have 12 touch screen kiosks showcasing various projects like e-Mitra in Rajasthan, Akshaya in Kerala, Mee Seva in Andhra Pradesh and Passport Seva Project at Ministry of External Affairs.

Tuesday, November 29, 2011

काम शुरू करो, नहीं तो केंद्र रद.

जागरण टीम, चिंतपूर्णी/अम्ब/बंगाणा : लंबे समय से निष्क्रिय चल रहे लोक मित्र केंद्रों को अब हर हालत में काम करना होगा, अन्यथा ये केंद्र रद करार दे दिए जाएंगे। अम्ब में लोक मित्र केंद्र संचालकों के लिए रखे गए जागरूकता कार्यक्रम में एसडीएम अम्ब अश्विनी रमेश और खंड विकास अधिकारी पंकज ने बताया कि सरकार के आइटी विभाग की...........................

लोकमित्र केंद्र संचालक सेवाओं का उचित लाभ दें.

जागरण संवाद केंद्र, ऊना : लोकमित्र केंद्र द्वारा उपलब्ध करवाई जा रही सेवाओं के संबंध में वीरवार को स्थानीय बचत भवन में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। खंड विकास अधिकारी सुरेंद्र नरयाल ने इस कार्यक्रम को जनहित में करार देते हुए उसे संचालित करने वाले लोगों को विस्तृत..............................

Wednesday, November 16, 2011

भि एल ई अनसन का दूसरा दिन.

आज भि एल ई अनसन का दूसरा दिन है। इसके बाबजूद किसी भी, भि एल ई का उत्त्साह ठंडा नहीं हुआ है। आई के सुधाकर शकातिनाथ जी बाकि और लोगो का उत्त्साह बधा रहे है । इस बार भि एल ई जरुर सफल होंगे। हम सभी भि एल ई को इस बार जरुर उनकी मदद करनी चाहिए, बिहार के लगभग सभी जिलो से भि एल ई आये हुए है सार्क सिस्टम से विजय जी प्रशांत जी समेत अन्य भी एल ई भी आये हुए है । जूम से कर्तिकेश जी भी पहुँच चुके है।

भि एल ई का अनिश्चित कालीन धरना.



कई दिनों की तैयारियों के बाद भि एल ई अनसन पर बैठ गये है। सबसे पहले मुजफ्फरपुर के एक भि एल ई एवं मुजफ्फरपुर भि एल ई संगठन के कोषाअध्य नन्हे जी के निधन पर शोक सभा का आयोजन किया गया। इस मौके पर उनके भाई श्री नविन कुमार सिन्हा, और गुड्डू जी मौजूद थे। अब बक्त है की बिहार के सारे भि एल उनलोगों का जैसे सहयोग हो सके वो करे। ये लराई किसी एक भि एल ई के हित के लिए नहीं है। इअमे बिहार के तमाम भि एल ई का हित होना है। आई के सुधाकर जी एवं शक्तिनाथ जी समेत कई भि एल ई अनसन पर बैठे हुए है। ये अनसन लम्बी भि चल सकती है। अतः आप सभी भि एल ई बंधू से अनुरोध है की इसे सफल बनाये।

Sunday, October 16, 2011

जेपी गोलंबर पर जुलूस नीकाल नारेबाजी करते वसुधा केंद्र संचालक संघ के युवक।

बिगत चार वर्षो से भी एल ई के साथ जों हो रहा है यह सायद मानवता की सारी हदों को पर कर जाने वाला कस्ट है।मै जानना चाहता हूँ की क्या हमने इसी लिए वसुधा केंद्र की अस्थापना किया था? बिगत कुछ वर्षो में हमलोगों ने हर एक छोटे अधिकारियो से लेकर माननीय मुख्यमंत्री तक से अपनी फरियाद सुनाई पर भी एल ई की बात सुनने वाला कोई भी नहीं है. हमारे घर में जब कोई समस्या आती है तो घर के मुखिया को हम अपनी समस्या बताते है. इसी तरह भी एल ई ने माननीय मुख्यमंत्री नितीश कुमार जी को भी समस्यायों से अवगत करवाया पर बार बार अस्वाशन के सिवा कुछ भी नहीं मिला. क्या कारन है की पंचायत स्तरकी बाकि अन्य योजनाओ पर नितीश सरकारनजर है और वसुधा केन्द्रों परनहीं. वसुधा केंद्र बिहार में सुशाशनलाएगी पर सुशाशन की सरकार ऐसा क्यों नहीं चाहती है? १४ अक्टूबर को जे पी गोलंबर पर किया गया धरना और अक्रोसित भी एल ई का प्रदर्सन देखने के बाद यही लगता है.की भी एल ई अब और बर्दास्त नहीं कर पाएगा. यह धरना सांकेतिक धरना है. अगर भी एल ई के मांगो को नहीं माना गया तो १४ नवम्बर को हजारो की संख्या में भी एल ई पटना पहुँच कर सरकार

से यही सवाल पूछेगी तब जा कर सायद सुसाशन सरकार की नींद खुल पाएगी


Wednesday, October 12, 2011

ek divashiya dharana aur pradarashan ka karyakarma

priya vle bandu
namaskar

apko suchit kiya jatahai ki 14-10-2011 din friday ko patna j.p.golambar (gandhi maidan ) me bihar ke chief minister sri nitish kumar ke samaksh ek divashiya dharana aur pradarashan ka karyakarma rakha gaya hai jisme nitish jee se minla aur vle ki present isthiti se avagata karana hai atah hum hum sabhi bihar ke vle ka kartavaya hai ki us din hajaro ki sankhaya me patna pahunch kar apni chattani akta ka parichaya dekar karyakaram ko saphala banae

note:-kiripya es suchana ko adhik se adhik vle ko mobile me massage karen apka vishwashi vle pariwar

contact-i.k.sudhakar- jahanabad 9304067238
gajanand pandey nawada-9386281377
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Tuesday, October 11, 2011

आज दिनांक १६/१०/२०११ को वसुधा केंद्र भी एल ई संघ मुजफ्फरपुर की बैठक मुजफ्फरपुर एल एस कॉलेज के प्रांगन में किया गया, बैठक में संघ के जिला कोशाध्यक्ष क्रिशंमोहन कुमार (नन्हे जी ) के आकस्मिक शोक सभा का आयोजन किया गया एवं वसुधा केंद्र भी एल ई संघ में उनके योगदान पर परिचर्चा किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता - प्रभारी जिला अध्यक्ष पुनीत कुमार जी ने किया तथा सभा की सञ्चालन प्रियरंजन जी ने किया. विशेष उपस्थिति संघ के राज्य के आई ० टी० सचिव रंजित कुमार साही ने किया. स्व ० क्रिशंमोहन कुमार (नन्हे जी )के जीवन कल जन्म ०२-०४-१९८३ से मृत्यु ०८-१०-२०११ मात्र २८ वर्ष के जीवन चक्र में उनकी स्मृति अवशेष सभी को भाव बिहवल कर रही थी, उनकी मृत्यु को जिले के अनेको पंचायतो के भी एल ई साथियों ने अपूर्णीय क्षति बताया है . मनोज कुमार, शंतोश कुमार, राजदेव भगत, संजय कुमार, संजीव झा, पुष्पा ठाकुर, नविन कुमार इत्यादि गणमान्य भी एल ई इस मौके पर मौजूद थे.

Sunday, September 25, 2011

DOEACC IT Literacy


A special Exam of CCC would be conducted for VLEs only in last week of November 2011/ First week of December. VLEs are requested to participate in large numbers.

Monday, September 12, 2011

PAN Card Services through CSCs - UTL



A Memorandum of Understating (MoU) has been signed between CSC-SPV and UTI Infrastructure Technology Services Ltd. (UTIITSL) on July 16, 2011. The MOU with UTIITSL will enable CSCs across India to provide PAN cards. UTIITSL will use CSCs as authorized PAN centers and make the VLEs as PAN Service Agents. UTIITSL is a Government of India Company (owned by Ministry of Finance) having a network of 60 branches all over India. UTIITSL has been authorized by the Department of Income Tax (CBDT) to issue PAN Cards.

SPV will enable UTIITSL to partner with SCAs of the Scheme for making the VLEs as PAN Agents. UTIITSL is to provide detailed guidelines for the SCA and the VLE and terms and conditions to become PAN Service Agents (PSA) through weblink. The company shall also provide training required to function as PSA to the VLEs free of cost

MOU